मोदी जी ने कहा 28 अप्रैल एक एतिहासिक दिन है पर बाँदा का लालपुर गाँव कुछ और ही कहानी बयाँ कर रहा है

29 अप्रैल का देश के प्रधान मंत्री टीवी मा कहिन कि देश के विकास यात्रा मा 28 अप्रैल एक ऐतिहासिक दिन के रूप मा याद कीन जई ,कल मैं एक वादा किन्हें रहौ। यहिसे कई भारतीयन का जीवन हमेशा खातिर बदल जई। मोहिका या बात के ख़ुशी हवै कि अब भारत के हर गांव मा बिजली पहुंच गे हवै, पे अबै रुकौ साहब बांदा जिला के लालपुर गांव के मड़इन का सुनौ। नरैनी ब्लाक के पुरनियां गांव के मड़इन का आरोप हवै कि न वादा पूरा भा आय अउर न तौ पूर मानित आय।

राजकुमार का कहब हवै लाइट के समस्या हवै यहै से पर्याप्त सिंचाई नहीं कर सकित आहिन अउर न, तौ अनाज पैदा कई सकित आहिन। लाइट न होय के कारन बच्चन के पढ़े- लिखे मा बहुतै परेशानी होत हवै। राममिलन बताइस हवै कि न तौ बिजली आय अउर न तौ कोटेदार तेल देत आय।

विजय कुमार का कहब हवै कि मोर समझ मा न तौ वादा पूर भा अउर न तौ पूर होइहें। हिंया जउन सरकार बनत हवै वा सब घूसखोर अउर आपन जेब भरै के खातिर बनत हवैं।

नरैनी बिजली पावर हाउस के करमचारिन का कहब हवै कि उनका या योजना के बारे मा कुछौ नहीं पता आय। यहिके बारे मा उच्च अधिकारी जानकरी दई सकत हवैं।  

रिपोर्टर: गीता

Published on May 3, 2018