मैगसेसे अवार्ड – दो और भारतीय सम्मानित

मनिला, फिलिपीन्ज़। दुनिया के एक हिस्से – एशिया में फिलिपीन्ज़ देश के पूर्व राष्ट्रपति रेमाॅन मैगसेसे की याद में हर साल एशिया क्षेत्र में आने वाले अड़तालिस देशों में से कुछ लोगों को ‘रेमाॅन मैगसेसे अवार्ड’ दिया जाता है। ये अवार्ड इस साल दो भारतीय – अंशु गुप्ता और संजीव चतुर्वेदी को भी दिया गया।

अंशु गुप्ता ने 1999 में समाजसेवी संस्था ‘गूंज’ शुरू की थी। संजीव चतुर्वेदी ने नई दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ‘एम्ज़’ में कई मामलों को उजागर किया और उन पर ज़रूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।

अंशु गुप्ता ने पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद एक बड़ी कम्पनी में नौकरी की। 1999 में नौकरी छोड़ उन्होंने गूंज संस्था शुरू की। संस्था पुराने कपड़ों और सामान को गरीबों के लिए उपयोग लायक बनाती है।

29-07-15 Mano - Magsaysay Sanjeev Chaturvediसरकारी अफसर संजीव चतुर्वेदी की जहां पोस्टिंग हुई वहां उन्होंने भ्रष्ट नेताओं और कामों के खिलाफ आवाज़ उठाई। 2012 से 2014 के बीच एम्ज़ अस्पताल में कई सवाल उठाने के बाद उन्हें अचानक सचिव के पद से हटा दिया गया था।

कई भारतीयों को मिल चुका है ये अवार्ड
दुनिया के एशियाई क्षेत्र में सबसे बड़ा सम्मान माना जाने वाला ये अवार्ड और भी कई भारतीयों को मिल चुका है। 1961 में सबसे पहले पत्रकार अमिताभ चैधरी को मिला था। उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता संदीप पांडेय, अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, और तमिल नाडु की कैंसर विशेषज्ञ डाॅक्टर वी. शान्ता जैसे भारतीयों को भी इस अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।