मुज़फ्फरनगर पर नज़र – चुनाव की तैयारी

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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि दंगों के कारण उनकी समाजवादी पार्टी को चुनावों में कोई खतरा नहीं है।

जिला मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश। पश्चिम उत्तर प्रदेश में सितंबर 2013 के सांप्रदायिक दंगों के प्रभाव इन चुनावों में नज़र आने की संभावना है। 10 अप्रैल को यहां होने वाले लोकसभा चुनावों में दो हज़ार से ज़्यादा लोग नए गांवों से अपना वोट डालेंगे।
ए.डी.एम. ने बताया कि करीब दो हज़ार तीन सौ लोग जो दंगों के बाद अपने गांव छोड़ चुके थे, वे अब नए गांवों और इलाकों से रह रहे हैं। इन लोगों के लिए 9 मार्च तक खास केंद्र बनाए गए हैं जहां ये वोट डालने के लिए रेजिस्टर कर सकते हैं।
चुनाव के माहौल में उत्तर प्रदेश द्वारा जांच के लिए नियुक्त पूर्व जज विष्णु सहाय दोबारा दंगे प्रभावित इलाकों का ब्यौरा मार्च में करेंगे। उन्होंने अभी तक सरकार को कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी है।