मुबारक! मुबारक! नोटबंदी एक साल का हो गया

नोटबन्दी के एक साल बाद क्या सोचती है जनता आईये जानते है जनता से उनके विचार।
असलम ने बताया कि हमारे लिये नोटबन्दी गलत निर्णय है। नोटबन्दी के कारण हमारा काम बन्द है। मोदी को सन्देश देना चाहते है कि कुछ अच्छा सोचे कुछ अच्छा करे।
हिबा ने बताया कि निन्यानवे प्रतिशत रूपये बैंक में जमा है तो एक प्रतिशत बचा रुपिया मोदी के जेब में है।
रमेश चौधरी का कहना कि निन्यानवे प्रतिशत रूपये बैक में कहां से आ गये हैं।
अलका का कहना है कि नोटबन्दी बकवास है।
बबली ने बताया कि महिलायें जो रूपये रसोई के खर्चे से बचाकर रखें थे लोग समझते है वो कला धन है।
मनोज ने बताया कि अमेरिका जब वोट गिन रहा था हम भारत में नोट गिन रहे थे।
बाईलाइन-अलका मनराल और लक्ष्मी शर्मा
Published on Nov 8, 2017