मुख्यमंत्री करें इंसाफ नहीं तो करूंगी आत्महत्या

kkuyhजि़ला लखनऊ। बहराइच जि़ले के थाना क्षेत्र दरगाह शरीफ में पड़ने वाले गांव मानपुरवा की रानी सोनकर पिछले छह महीने से लखनऊ में धरना दे रही हैं। उन्होंने इस बीच मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। उनसे मिलने की कोशिश भी की। मगर मिलने नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि उनके पति धनीराम सोनकर को झूठे हत्या के मामले में फंसाकर जेल भेज दिया गया है। इतना ही नहीं उनकी जाति भी बदल दी गई है।
मुकदमें में धनीराम को सोनकर की जगह यादव बना दिया गया है। यह मुकदमा उनके पटीदार यानी परिवार के लोगों ने ही उन पर किया है। रानी ने बताया कि ‘मेरी लगभग अठ्ठाइस बीघा खेती है। लेकिन बगल के गांव में रहने वाले नंदकिशोर की नज़र इस पर हमेशा से थी। किशोर हमें धमकाता डराता रहता था। हम बीस साल पहले ही कानपुर चले गए थे। वहां मेरा मायका है। सोचा जान जाने से अच्छा है कि दूर जाकर रहें।’
नंदकिशोर बहुत दबंग है। लेकिन नंदकिशोर की नज़र तो ज़मीन पर थी। उसने फ़र्ज़ी तरह से मेरी ज़मीन अपने नाम करवा ली। हमने इसका विरोध किया तो उसने धमकी दी कि जान से मरवा देंगे या फिर ऐसे केस में फंसा देंगे जिससे पूरी ज़िन्दगी  नहीं निकल पाओगे। ऐसा उसने किया भी। उसने हम पर चाकू से हमला करवाया। मगर गांववालों ने बचा लिया। हमने केस किया तो पुलिस ने मामूली धारा में लिखा। एक दिन नंदकिशोर जेल में रहा फिर छोड़ दिया गया। उसने मई में हम पर उसके मां-बाप की हत्या का मुकदमा लगा दिया है। पिछले छह महीने से मेरा पति जेल में है। मगर कोई हमारी नहीं सुन रहा।
जेल न जाएं इसके लिए मुझसे पुलिस अधिकारी ने पांच लाख रुपए घूस मांगी। हम नहीं दे पाए तो उसे जेल भेज दिया। हमने वकील भी किया। तीन हज़ार रुपए दिए। अब जब भी तारीख होती है तो वकील पहुंचता ही नहीं। हम मुख्यमंत्री से मिलकर इंसाफ की मांग करना चाहते हैं। वह हमसे इंसाफ करें नहीं तो आत्महत्या करने के सिवा मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है।