मुकदमा जीते के बाद सहत मारपीट

04-09-14 Mahoba - mahila muddaजिला महोबा, ब्लाक चरखारी गांव सबुआ। एते कि बतिया आपन बीती कछु एसो बताउत हे।
बतिया ने बताओ कि मेंने सत्रह साल पेहले महोबा शहर में फतेपुर बजरिया के दुर्गा प्रसाद के साथे कोर्ट से शादी करी हती। ऊखे बाद हम दिल्ली में रहन लगे। मोओ आदमी तीन साल से दारू पीके मोये साथे मारपीट करत हे। मोये छोड़ के दुर्गा प्रसाद भोपाल भाग गओ। एई से मेंने ऊखें खिलाफ मुकदमा लगा दओ। मोये एक लड़का ओर एक लड़की हे। में मजदूरी कर आपन परिवार पालत हती ओर मुकदमा लड़त हती।
जभे में मुकदमा जीत गई तो दुर्गा प्रसाद आओ ओर मोये लड़का खा चोरी से महोबा ले आओ। जभे मोये पता चलो तो बिटिया खा दिल्ली में अपने मताई बाप के एते छोड़ के महोबा आ गई। एते दुर्गा प्रसाद मोये साथे मारपीट करत हे ओर घर से बाहर निकार देत हे। रात-रात भर में आपन जिन्दगी स्टेशन में गुजारे खा मजबूर हो। जोन मेहनत मजदूरी करत हो, ऊ भी छुड़ा के दारू पी लेत हे। अगर नई देत तो ओर भी मारपीट करत हे।
आदमी दुर्गा प्रसाद से बात करें की कोशिश करी हे पे बात नई हो पाई हे।