मुआवजा खातिर महापंचायत अउर धरना

टैक्ट्रर मा भर के आये किसान
टैक्ट्रर मा भर के आये किसान

जिला बाँदा। 12 मार्च 2014 का लगभग दुई सौ टैक्ट्ररन मा भर के पूरे बांदा जिला के किसान बांदा शहर के जहीर क्लब मैदान मा महापंचायत करिन। साथै डी.एम. के न रहैं मा सिटी मजिस्ट्रेट का ज्ञापन सौंपिन। ज्ञापन अउर महापंचायत के जरिया फसल नुकसान के मुआवजा के मांग करिन। 

ब्लाक बड़ोखर खुर्द, गांव दुरेड़ी, मजरा बंशीपुरवा के किसान दुई टैक्ट्रर मा भर के आये रहैं। यहिनतान नरैनी ब्लाक के तुर्रा गांव से दुई टैक्ट्ररर अउर बबेरू ब्लाक के गांव बिनवट, सातर, रयान, उमरहनी से सैकड़न किसान टैक्ट्रर मा भर के आये।
नरैनी ब्लाक के गांव तुर्रा के किसान राजबहादुर, छंगा, अउर दीपू का कहब है कि अबै तक भुखमरी का सामना करत रहे हन। अब किसान आत्महत्या का मजबूर होई जइहैं। बुन्देलखण्ड किसान यूनियन के नरैनी ब्लाक अध्यक्ष लालाराम, जिला अध्यक्ष राकेश गौतम समेत पचासन सदस्य शामिल रहैं। इं किसान के हित ता मांग करिन कि नुकसान के कारन बुन्देलखण्ड का राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित कीन जाय। बटाईदार किसानन का भी मुआवजा दीन जाय। बुन्देलखण्ड के किसानन का पांच हजार रूपिया महीना पेंशन दीन जाय। अगर हमार मांग पूरी न होइहैं तौ लखनऊ अउर दिल्ली तक जाब।
एक कइत किसान मुआवजा के मांग खातिर परेशान हैं तौ दूसर कइत किसानन का लेखपाल परेशान करे हैं। कमासिन ब्लाक के गोड़ा गांव मा रहैं वाले अमरनाथ, राजू, नत्थू अउर सुशील का कहब है कि लेखपाल आधे गांव का सर्वे करिस। या मारे बहुतै किसान का नाम सर्वे लिस्ट मा निहाय। लेखपाल विवेक कुमार कहिस कि हमैं सर्वे के अलावा बी.एल.ओ. का भी काम दीन गा है। याहिसे आधे गांव का सर्वे नहीं होई पावा आय। डी.एम. सत्येन्द्र कुमार सिंह कहिन कि किसानन के समस्या लखनऊ अउर दिल्ली तक भेजी जई। मुआवजा देब सरकार का काम आय।