मिलिए हमारी लोकल हीरो, प्रियंका से कर्वी के पहले मॉल की पहली कैशियर

कर्वी जैसे छोटे जिले में चन्द्रकांता चंद्रलोक मॉल के खुल जाने से जैसे रौनक हो गयी है। लोगों को अब छुट्टी का दिन घर में नहीं बल्कि इस मॉल में बिता कर अच्छा लगता है। कर्वी में खुला यह पहला मॉल है और इसलिए भी यह कर्वी और आस-पास के जिलों का चाहेता बना हुआ है। इस मॉल की एक और खासियत है और वो है यहाँ के पैसे का लेन-देन देखने वाली प्रियंका।
प्रियंका इस मॉल का कैश काउंटर संभालती हैं। इस मॉल में प्रियंका कई लड़कों के बीच अकेली लड़की हैं। प्रियंका चित्रकूट के मऊ कस्बे की रहने वाली हैं। अपनी शिक्षा और परिवार से मिले प्रोत्साहन की वजह से आज प्रियंका इस मॉल में अपनी पसंद का काम कर रही हैं।
23 साल की प्रियंका के सपने वैसे ही हैं जैसे बाकी महत्वकांक्षी लड़कियों के होते हैं। प्रियंका ने पिछले महीनें 2 अक्टूबर को ही अपनी नई नौकरी सम्भाली है। प्रियंका के लिए यह एक प्रयास उनके भविष्य की ओर बढ़ने का पहला कदम है जिसे पा कर वह काफी खुश हैं। उन्हें अपनी नौकरी से बेहद प्यार है और इसलिए भी प्रियंका मॉल में हमेशा मुस्कुराती हुई नजर आती हैं।
प्रियंका बताती हैं कि उनका दिन भर कैसे मॉल की चहल-पहल में गुजर जाता है। मॉल में दिन के दो बजे से लेकर शाम आठ बजे तक खासी भीड़ रहती है और उस दौरान उन्हें काम करने में सबसे ज्यादा मज़ा आता है। कई बार जब ज्यादा ग्राहक आ जाते हैं तो आठ बजे के बाद भी रुकना पड़ जाता है।
प्रियंका ने बताया कि उनके परिवार से उन्हें इस बात की आज़ादी मिली है कि हम अपने मन का काम कर सकते हैं और शायद इसी वजह से वह आज कर्वी में अपने परिवार से दूर रह पा रही हैं। जैसा कि हमारे समाज में सिखाया जाता है कि तनख्वाह ला कर घर में दें वैसे ही प्रियंका ने भी अपनी पहली तनख्वाह ला कर अपनी माँ को दी।
अभी हाल ही में प्रियंका के साथ उनकी दोस्त भी जुड़ी हैं जो कैश काउंटर पर उनकी मदद करती हैं।

11/11/2016 को प्रकाशित