मिलिए, रियल पैडमैन अरूणाचलम मुरूगनंतम से…

साभार: यूट्यूब

अरूणाचलम मुरूगनंतम का जन्म 1962 में एक गरीब परिवार में हुआ था। बचपन में ही पिता की मृत्यु के बाद उन पर घर की जिम्मेदारी गई। उन्हें 14 साल की उम्र में स्कूल से निकाल दिया गया जिसके बाद घर की जिम्मेदारी निभाने के लिए नौकरियाँ की।
अरूणाचलम की शादी होने के बाद अपनी पत्नी के माहवारी के दिनों की परेशानियों को देख कर उन्होंने सस्ते नेपकिन बनाने वाली मशीन और तकनीकी को खोज निकाला। उनके इस सुझाव को 2006 में आईआईटी मद्रास के सामने रखा और इसके बाद आईआईटी ने इसे राष्ट्रीय अविष्कार पुरुस्कार जीता।
अवार्ड जीतने के बाद उन्होंने जयाश्री इंडस्ट्रीज की शुरूआत की। इस संस्थान के द्वारा बनाई गयी हजारों मशीनें आज पूरे भारत में चल रही हैं। इस अविष्कार को खरीदने के लिए बड़ी कंपनी और कॉर्पोरेट संस्थानों ने पूरी कोशिश की थी पर अरूणाचलम ने इस आविष्कार को बेचने से मना कर दिया।
अरूणाचलम मुरूगनंतम को सस्ते पैड की मशीन बनाने के लिए करीब 2 साल लग गये। इन दो सालों में हजारो बार उन्हें निराशा हाथ लगी पर वे हार नही माने और मुश्किलों का सामना करते हुए, सबसे कम लागत में सैनिटरी नैपकिन बनाने वाली मशीन का अविष्कार कर ही डाला।
उन्हें भारत सरकार के द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया हैं। अरूणाचलम मुरूगनंतम को 2014 में टाइम मैगजीन द्वारा विश्व के सबसे 100 प्रभावशाली लोगो की सूची में शामिल किया गया था। आने वाली पैडमैन फ़िल्म उनकी जीवनी पर आधारित है। इस फ़िल्म में उनका किरदार अक्षय कुमार निभा रहे हैं।