मिलिए, मुश्किलों को जीतने वाले सुन्दर सिंह गुर्जर से…

साभार: फेसबुक

01 जनवरी 1996 को जन्में सुंदर सिंह गुर्जर भारतीय पैरालीम्पिक भाला फेंकने, शॉट पटर और डिस्कस फेंकने वाले खिलाड़ी है। सुंदर करौली जिले के हिंडौन शहर के गांव देवली के रहने वाले है। उनके पिता एवं भाई दोनों रेसलर है।

सुन्दर के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अपने जीवन में दो बार आत्महत्या करने का विचार बनाया था पहली बार जब वह 2015 में जब अपना एक हाथ खो चुके थे और दूसरा, जब वह 2016 पैरालाम्पिक्स में प्रतिस्पर्धा क्षेत्र तक पहुंचने में नाकाम हो गये थे।

लेकिन इसके बाद, सुंदर गुर्जर ने अपनी प्रतिभा को लोहा मनवाया है। सुंदर ने फाजा में 19 से 23 मार्च तक आयोजित हुए नौंवी इंटरनेशनल स्पर्धा में जेवेलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो और शॉटपट स्पर्धाओं में लगातार 3 गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया। इस स्पर्धा में 38 देशों ने भाग लिया, जिसमें सुंदर ने तीन स्पर्धाओं में गोल्ड हैट्रिक लगाई। ऐसे करने वाले वह एकमात्र खिलाड़ी बन गए हैं।

सुंदर गुर्जर किसी इंटरनेशनल स्पर्धा में 3 गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2018 मार्च में पैरानेशनल में 6842 मीटर जैवेलिन फेंका था। इसके अलावा, इसी साल दुबई में आईपीसी एथलेटिक्स ग्रांप्री में गोल्ड जीता था।

सुन्दर कहते हैं, ये सब मेरे लिए एक सपना था. विश्व रिकॉर्ड तोड़ने से मेरा दर्द कम हो सकता है लेकिन यह पूरी तरह से जायेगा नहीं, लेकिन मैं जानता हूँ  मैं पैरालाम्पिक गोल्ड जीतने के बाद ही इस दर्द को दूर कर पाउँगा और मुझे पता है मैं करूँगा।