‘अकेला’ हूँ मैं, लेकिन हूँ पेंटर, गायक और स्टंटमैन!

16 अक्टूबर 2017 को प्रकाशित
जिला चित्रकूट,ब्लाक मऊ,कस्बा मऊ। मिलौ राजेश उर्फ अकेला से जेहिकर  नाम अनोखा हवै अउर काम भी अनोखा हवै।पेंटिंग,गायकी अउर जूडो कराटे यहिके शौक हवैं।
राजेश उर्फ अकेला का कहब हवै कि मोर दुइ बहिनी हवै दूनौ के शादी होइ गे हवै यहै कारन मैं घर मा भी अकेला हौं यहै कारन परिवार वाले अउर बाहर के मड़ई सब मोहिका अकेला कहत हवै। बहुतै मड़ई तौ मोहिका मजा ले खातिर अकेला कइत रहै पै मैं कउनौ के बात का बुरा नहीं मानत रहेंव। अमिताभ बच्चन के अकेला फिल्म देखव तौ मोहिका बहुतै नींक लाग रहै मोर भी अकेला नाम से पहिचान बन गें तौ मैं आपन नाम राजेश अकेला रख लीने हौं। आज कल मैं पोताई का काम करत हौं। दीवार मा चाहे जेत्ते गड्डा हो पै मैं सबका ठीक कइ के पोताई करत हौं। अकेला एक हवै अउर वहिके काम अनेक हवै।

बाईलाइन-सुनीता देवी