मिलिए केरल की पहली महिला डी जी पी से

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आर श्रीलेखा का जन्म 25 दिसंबर 1960 को तिरुवनंतपुरम में हुआ था। श्रीलेखा एक समर्पित अधिकारी और एक लेखक भी हैं। 26 की उम्र में जनवरी 1987 को वे केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बन चुकी थीं। आर श्रीलेखा के पति डॉक्टर सेथुनाथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल, तिरुवनंतपुरम में कायर्रत है।
-1987 में केरल में पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनने से पहले श्रीलेखा ने प्राध्यापक के रूप में और आरबीआई में काम किया। उन्होंने केरल पुलिस में त्रिशूर, अलापुज़हा और पथानामथिट्टा के जिला प्रमुख के रूप में भी अपनी ड्यूटी निभाई।
वह 2005 में इंस्पेक्टर जनरल बन गई और 2013 में उन्हें प्रतिष्ठित सेवा के लिए राष्ट्रपति द्वारा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। वह एडीजीपी के रूप में सतर्कता और भ्रष्टाचार विरुद्ध ब्यूरो की भी अध्यक्ष रही है।
वह लैंगिक अनुपात के अंतर को समाप्त करने के अपने प्रयासों के लिए पूरे राज्य में जानी जाती है।  वह भविष्य में अग्रणी पदों पर अधिकतर महिलाओं को देखना चाहती है।
सीबीआई में शामिल होने के बाद,  श्रीलेखा को “रेड श्रीलेखा” के नाम से जाने लगा।  वह एक ऐसी टीम का हिस्सा थी जो प्रभावशाली लोगों के घरों पर छापा मारती थी।
बीते साल फरवरी में श्रीलेखा ने एडीजीपी रैंक के अपने साथी अधिकार पर प्रताडऩा का आरोप लगाया था।