माहवारी में महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और समस्याओं से दूर रखने के लिए एक अनोखा प्रक्षिशण

साभार: विकिमीडिया कॉमन्स

बंगलौर के एक सामाजिक संगठन ने एक प्रशिक्षण शुरू किया है जिसका उद्देश्य दस लाख लड़कियों/महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े विभिन्न मुद्दों के बारे में बताना है।
2015-2016 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार 15 से 24 वर्ष की उम्र के बीच केवल 57.6% महिलाओं ने माहवारी के दौरान स्वच्छता बरती। इस खोज के अलावा कितनी महिलाओं/लड़कियों ने मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का ख्याल रखा और कितनों से इससे जुड़ी समस्याओं के निवारण के बारे में सोचा यह कहना नामुमकिन है लेकिन इन्ही सारी बातों पर गौर करने के लिए माहवारी प्रशिक्षण शुरूकिया जा रहा है। इस नए प्रशिक्षण का लक्ष्य माहवारी से जुड़ी सभी योजनाओ में योगदान करना है।
यह विभिन्न क्षेत्रों से 40 लोगों को प्रशिक्षित करेगी ताकि पूरे भारत में 10 लाख लड़कियों को विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षित किया जा सके। यह योजना वर्तमान में बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और पुणे के साथसाथ कर्नाटक के चार जिलोंकलाबुरगी, हबबाली, बेलागवी और मैसूरू में कार्य कर रही है। माहवारी प्रशिक्षण प्रति माह 30,000 रुपये का वेतनमान देता है।