मातृत्व योजना के लिए सरकार के पास नहीं है बजट!

साभार: पिक्साबे

गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले मातृत्व लाभ वाली योजना पर मोदी सरकार ने एक बार फिर अपना फैसला बदला है। अब तक दो बच्चे पैदा करने पर मिलने वाला मातृत्व लाभ सरकार ने अब एक बच्चे तक सीमित करने की बात की है। इस योजना के तहत अब तक केंद्र सरकार 60 प्रतिशत फंड देती थी, जिसे घटाकर 50 प्रतिशत किया जा सकता है।
सुत्रों के अनुसार, सरकार ने ये फैसला धन की कमी की वजह से लिया है। इस योजना के लिए जितना पैसा चाहिए उसके लिए 2017-18 का बजट उससे काफी कम है। बजट में इस योजना को 2,700 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इससे हर साल जन्म लेने वाले तकरीबन 2.6 करोड़ बच्चों में से 90 लाख बच्चों को ही कवर किया जा सकता है। सूत्रों की माने तो इसके लिए सालाना 14,512 करोड़ रुपए की जरूरत होती है।
बता दें कि, नए साल के मौके पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मातृत्व लाभ (मेटरनिटी बेनेफिट) के अंतर्गत 6000 रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि स्कीम को पूरे भारत के लोगों तक पहुंचाने का का काम किया जाएगा।
इस योजना को यूपीए सरकार ने अपने दूसरे शासनकाल में शुरू किया था। इस स्कीम का नाम इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना रखा गया था। तब इसको देश के 650 जिलों में से 53 जिलों में ही पायलेट योजना के तौर पर शुरू किया गया था।