मां का नाम किया रौशन

(फोटो साभार: जागरण)
(फोटो साभार: जागरण)

लाॅस ऐन्जेलेस, अमेरिका। हर दो सालों में एक बार होते हैं ‘स्पेशल ओलम्पिक्स वर्ल्ड  गेम्स।’ 25 जुलाई से 2 अगस्त तक ये प्रतियोगिता चली।

इस बार के ‘स्पेशल ओलम्पिक्स वर्ल्ड  गेम्स’ में भारत के खिलाडि़यों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने अलग अलग खेलों में कुल एक सौ तिहत्तर पदक जीते। जिसमें सैतालिस स्वर्ण, चैवन सिल्वर और बहत्तर कांस्य  पदक जीते है। एथेलेटिक्स-खेलकूद जिसमें दौड़ होता है उसमें भारत को सबसे ज़्यादा सैतालिस पदक मिले।

पदक जीतने वालो में एक है नई दिल्ली की पुष्पा। इन्होंने स्पेशल ओलम्पिक्स वर्ल्ड  गेम्स’ में पावर लिफटिंग खेल में रजत पदक सहित चार पदक जीतकर अपनी  मां का सिर गर्व से उंचा कर दिया। पुष्पा नई दिल्ली के एक स्कूल में कक्षा नौ की छात्रा हैं। पुष्पा की मां लक्ष्मी लोगों के घरों में झाडू़-पोंछा का काम करती है। पुष्पा के स्कूल से हर दिन शिकायत आती थी कि अपनी बेटी को स्कूल से ले जाओ। क्योंकि  ये मोटी है और हर समय गिरती रहती है। आसपास के बच्चे भी पुष्पा को मोटी मोटी कहकर चिढ़ाते थे। स्पेशल ओलम्पिक्स वर्ल्ड गेम्स’ में चारचार पदक जीतकर पुष्पा ने उन सभी लोगों को करारा जवाब दिया है।