महोबा के रतौली गाँव में बहकावे में आकर जसवंत ने अपने भाई के क्रेडिट कार्ड से 5 लाख रूपये निकाले

जिला महोबा, गांव रतौली इते के जसवंत ने अपने ही छोटे भज्जा वलवंत के खाते मे से पांच लाख रुपईया निकार लए। जबकि आधे रुपईया विक्रम सिंह ने ही ले लये। वलवंत के मताई बाप ने बैंक मैनेजर,विक्रांत और अपने बड़े मोड़ा के नाम थाने में रिपोर्ट लिखवाई।
कृष्ण कुमार सिंह वलवंत के बाप ने बताई के तीन लाख रुपईया निकार लए छह महीना हो गये जब निकार लए ते। तीन लाख तीस हजार स्टेट बैंक में से निकारे बाके नाम जमीन हे बाई को किसान क्रेडिट कार्ड हतो बई के निकार लए हमे तो जब पतो चलो जब गांव वाले ने बताई के जसवंत ने वलवंत के खाते में से रुपईया निकार लए।
बन्दना सिंह वलवंत कि मताई ने बताई के हमाये छोटे मोड़ा ने बड़े मोड़ा के खाते में से चार लाख रुपईया निकार लए।
वलवंत कि भाभी ने बताई के चार लाख रुपईया निकार लए विक्रम के केबे पे। पेहले विक्रम से तनक दोस्ती हटी और विक्रांत तो बेसे भी बैंक में दलाली को काम करत और वलवंत सो पागल हे।
वलवंत ने बताई के हमे लोआ गये बैंक के रए ते के चल बैंक और अंगूठा लगवाओ हमसे।
जसवंत ने बताई के हमने खुद निकरे घर बनबाने के लाने दो लाख तीस हजार बाई में विक्रांत ने दलाली करी आधे दये आधे नई दए।
बैंक मैनेजर अनिल कुमार ने बताई के जसवंत ने तो केऊ बार निकारे रुपईया वलवंत को लोआ के और नियम अनुसार निकरे।

रिपोर्टर-सुनीता प्रजापति सुरेखा राजपूत 

09/09/2016 को प्रकाशित

महोबा के रतौली गाँव में दूसरों के बहकावे में आकर जसवंत ने अपने ही छोटे भाई के क्रेडिट कार्ड से 5 लाख रूपये निकाले