महोबा के पनवाड़ी गाँव में क्या ज़मीन विवाद में गई दयाराम की जान?

जिला महोबा, ब्लाक पनवाड़ी, गांव रिगनौर इते के राजेश को केबो हे के जमीनी विवाद में भई मारपीट के मारे हमाय बाप दयाराम की मौत हो गई। जो विवाद आवासीय पट्टा को लेके 2015 में शुरू भओ तो। सरकारी पट्टो होबे के बाद भी बाबूलाल ने बा जमीन पे कब्ज़ा कर लओ।
जबकि बाबूलाल को केबो हे के बो जमीन हमाई हे जी पे लेखपाल ने कब्ज़ा दुवाओ तो जा से हमने बई जमीन में कब्ज़ा करो मारपीट और मौत की बात गलत हे। जबकि दयाराम टीबी को मरीज हतो जा से बीमारी के कारण दयाराम की मौत हो गई।
राजेश ने बताई के 7 जुलाई 2015 को पट्टो भओ और कब्ज़ा 10 नवम्बर 2016 में दुवाओ लेखपाल ने ही कलई डारी और लेखपाल ने ही नाप करवाई ती। हम ओरे कुलपहाड़ गये ते। हम अकेले लड़ रए हमाय महोल्ला के दो चार जने हे हमाय संगे और कोऊ नइया सब उनकी तरफ हे। जब हमने एस ओ को फोन करो तो कई के आपने गिरिफ्तार काय नइ करो तो मैडम बोली के उते कछू नइ भओ न मारपीट भई। अगर मारपीट नइ भई तो हमाय बाप का एसे ही मर गये। जबकि हमाय बाप ने मरते समय ब्यान भी दए और रिपोर्ट में उनके ब्यान भी नइ लिखे। अब हमे जोई परेशानी हे के हम दबंग आदमियन के मारे जी नही पा रए।
लक्ष्मी दयाराम की मोड़ी ने बताई के हमाय बाप उन ओरन को रोकबे गये सो कट्टा मार दओ सो अस्पताल ले गए थाना में भी ले गये उते ब्यान भी दए। रामकुमारी बाबूलाल की पत्नी ने बताई के जे सब झूटी रिपोर्ट करी उनकी कोऊ ने मारपीट नइ करी।
पनवाड़ी थाने के एस ओ अनीता चौबे को कबो हे के बीरेन्द्र बाबूलाल और जगदीश के नाम रिपोर्ट दर्ज करवाई हे। जबकि तहसीलदार बरुन कुमार और एस ड़ी एम विनय कुमार पाठक को कबो हे के हमे जा के बारे में कोनऊ जानकारी नइया। रिपोर्टर- सुनीता प्रजापति