महोबा के अजनर की अनोखी फसल उद्यान विभाग की योजना रंग लाई

जिला महोबा 4 अक्टूबर। महोबा के अजनर गाँव में उद्यान विभाग की योजना रंग लाई। यहां के एक किसान चंद्रबान अपने खेत में आम, आंवला, अमरूद, संतरा और पपीता जैसे कई फल उगाकर लोगों तक पहुंचा रहे हैं। उद्यान विभाग की मदद से उनके खेतों में दस कुन्टल तक आंवले निकले हैं। वह अपनी अच्छी फसल को बाजार में बेच रहे हैं। इस साल भी उनके बगीचे 5 कुन्टल आंवले निकल चुके हैं जबकि दस कुन्टल से ऊपर आंवले और निकलने वाले हैं। मेहनत और विज्ञान की इस जुगलबंदी से चंद्रबान का परिवार बहुत खुश है।

बिहारी जी अपने हरे भरे खेतों के बीच में खड़े होकर बताते हैं कि “हमारे बगीचे में आंवला, कटहल, नींबू, मौसमी, अनार के पेड़ हैं। अभी संतरा, नींबू, आम और आंवला में फल आ रहे हैं।”

वह अपने बगीचे में आंवले से लदे पेड़ से आंवला तोड़ते हुए बताते हैं कि “एक साल तो मेरे बगीचे में दस कुन्टल के लगभग तक आंवला निकला था। इस साल अभी तक 5 कुन्टल तक आंवला निकल चुका हैं और अभी दस कुन्टल से ऊपर और निकलेगा। हमारे खेत में मूली 30 दिनों में पूरी तरह से तैयार हो जाती है और हम फिर से उसमें दूसरी फसल उगा देते हैं।”

वह खेत में डालने वाली दवा के बारे में बताते हैं – “हम जमीन के हिसाब से दवा डालते हैं। फल और फूल की ज्यादा पैदावार के लिए ये दवा डाली जाती है। हम इन फसलों को रोज गांव के फुटकर बाजार में बेचते हैं। एक दिन में हम बीस किलो तक आंवला बेच लेते हैं।”

64 साल के चंद्रबान जिन्होंने अपने खेतों में उद्यान विभाग की मदद से फसल लगाई थी, वह बताते हैं – “ये उद्यान विभाग की योजना थी। हमें उद्यान विभाग के माली की मदद से ये योजना बता चली। उद्यान विभाग के माली गांव-गांव में जाकर इस योजना के बारे में बताते हैं कि ये योजना है और किसे अपने खेतों में लगवाना है। हमारे गांव में तीन लोगों ने इस योजना के अन्तर्गत अपने खेतों में फसल लगवाई थी। पर उन्होंने कुछ दिनों के बाद अपने खेतों को उजाड़ दिया। पर हमने ऐसा नहीं किया और फसल को खेतों में रहने दिया।”

चंद्रबान और उद्यान विभाग की मेहनत ही है कि चंद्राबान के हरे भरे खेल लहरा रहे हैं और वह इस बंपर फसल को बाजार में बेचकर पैसे कमा रहे हैं।

रिपोर्टर- श्यामकली 

04/10/2016 को प्रकाशित