महोत्सव के रंग में रंगा लखनऊ

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  _lucknow-2 लखनऊ। यहां 25 नवंबर से 5 दिसंबर तक लखनऊ महोत्सव चला है। देश के अलग अलग हिस्सों से आए कलाकरों ने यहां रंग बिखेरे। मशहूर गायक, लोकगायक, पत्रकार, लेखक, थिएटर आर्टिस्टों समेत बालीवुड की कई हस्तियों ने हिस्सा लिया। इस बार की थीम शान-ए- अवध या जश्न-ए-लखनऊ थी।
यहां कई विख्यात नाटकों जैसे राज दरबार, ताज महल का टेंडर, गंगा व्यथा, का मंचन भी किया गया। भोजपुरी गायिका के मीठे सुरों में जहां सब झूम उठे वहीं अर्जित राव जैसे युवा गायक को सुनने के लिए भीड़ उमडी। कव्वाली, लोकनृत्यों का दौर चला। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका उद्घाटन किया। यहां आए दीक्षा सिंह, सोनम कुमारी ने बाताया कि इसमें हमें अपनी संस्कृति से जुड़ने का मौका मिलता है। मेले में हर राज्य के स्वाद को भी चखा जा सकता है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, दक्षिण भारत के कई राज्यों के स्वाद भरे पकवान वहां मौजूद थे। सबसे ज्यादा भीड़ दिखी राजस्थानी खाने की दुकान में। यहां जयपुर के कस्बे कुंज से आए दुर्गेश ने बताया कि वह पिछले पांच सालों से यहां आ रहे हैं। वैसे तो राजस्थान का स्वाद हरेक की जुबान पर खूब चढ़ता है लेकिन राजस्थानी दाल-बाटी-चूरमा खास है।