महिला विश्व कप में भारत की शुरुआत ड्रॉ से हुई

साभार: विकिमीडिया कॉमन्स

लंदन में महिला विश्व कप का ऐतिहासिक टूर्नामैंट शुरू हो चुका है। टूर्नामैंट में आठ साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम की एंट्री हुई है। भारत की कमान अभी रानी रामपाल के हाथों में हैं। 8 साल पहले यानी 2010 में भारतीय टीम सुरिंदर कौर के नेतृत्व में विश्व कप में उतरी थी।

लंदन में शुरू होने वाले विश्व कप के दौरान भारतीय टीम पूल बी में इंगलैंड, आयरलैंड और यू.एस.ए. के साथ मैच खेलेगी। भारतीय टीम में कप्तानी रानी रामपाल के अलावा सुनीता लाकड़ा पर दारमोदार होगा।

बता दें, सीरिज के पहले मैच में भारत ने अपने अभियान की शुरुआत ड्रॉ से की है। पूल B में खेले गए इस मुकाबले में भारत के पास मैच में 53 मिनट तक 1-0 की बढ़त थी, लेकिन मैच के अंतिम पलों में इंग्लैंड बराबरी वाला गोल करने में कामयाब रहा और यह मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ। इससे पहले भारतीय डिफेंस ने मैच में शानदार खेल दिखाया और टीम इंडिया मेजबान टीम के 8 पेनल्टी कॉर्नर को रोकने में कामयाब रही। भारत के लिए एकमात्र गोल नेहा गोयल ने दागा, जबकि इंग्लैंड के लिए लिली ऑस्ले ने गोल किया।

बता दें कि हॉकी विश्व कप में शुरु से ही यूरोप का कब्जा रहा है। यूरोप की 2 टीमें नीदरलैंड और जर्मनी सर्वाधिक 9 बार यह टूर्नामैंट जीत चुके हैं। अमरीकन कंट्री अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया 2 बार विश्व कप जीत चुकी है।