महिला पत्रकारों की कलम से – बलात्कार के मामलों में अव्वल मध्य प्रदेश

rituऋतु सक्सेना करीब आठ सालों से पत्रकारिता कर रहीं हैं. इस समय दैनिक हिन्दुस्तान में काम कर रही हैं. इससे पहले  दैनिक भास्कर और इंडिया न्यूज़ में काम  कर चुकी है। 

शिवराज सिंह ने कई बार मीडिया में कहा है कि उन्हें लड़कियों से खास लगाव है। मध्य प्रदेश हर औरत के लिए मायके जैसा है। वह जनता के बीच खुद को मामा कहलाना पसंद करते हैं। उनसे जब एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि आखिर लोग आपको मामा क्यों कहते हैं तो उन्होंने कहा था कि मा मा  जिसमे दो मां का प्यार छिपा होता है। दूसरे मध्य प्रदेश की महिलाओं को उनसे अपनापन महसूस होता है। उन्हें पूरा प्रदेश मायके जैसा लगता है जहां उन्हें खुलकर जीने की आजादी है। मगर राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो की रिपोर्ट तो कुछ और ही कह रही है। महिलाओं को सुरक्षा देने के मामले में मध्य प्रदेश की स्थिति बेहद खराब है। रिपोर्ट के अनुसार देश में होने वाले कुल बलात्कार के सबसे ज्यादा मामले यहीं पर हैं। रोजाना तेरह बलात्कार यहां दर्ज होते हैं। दर्ज आंकड़ों से बनी यह तस्वीर और भी खतरनाक हो जाती है जब हम यह सोचते हैं कि ऐसे न जाने कितने मामले हैं जो इज्जत के नाम पर दबा दिए जाते हैं। ताकत और पैसा इन पर हावी हो जाता है।
शिवराज सिंह ने औरतों के लिए करोड़ों का बजट लगाकर कई योजनाएं शुरू की हैं। इसमें लाड़ली लक्ष्मी योजना, बेटी बचाओ अभियान, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना समेत कई और योजनाएं शामिल हैं। मगर बेटी बचाओ योजना या उसका कन्यादान करना ही क्या काफी है? जैसा कि उनकी योजनाओं में साफ झलकता है कुछेक योजनाएं लड़कियों को नौकरी देने से भी संबंधित हैं। मगर उनकी सुरक्षा के लिए क्या कोई योजना मुख्यमंत्री ने चलाई है। यह आंकड़े दस साल के हैं। शिवराज सिंह वहां बारह सालों से भी ज्यादा समय तक शासन कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उनसे ही पूछे जाएंगे। और उम्मीद रहेगी कि वह इसका जवाब दें।