महिलाओं ने फिर मारी बाज़ी देखिये फैजाबाद के पारा गरीब शाह गाँव से उषा सिंह की कहानी

ऐसा समय जब लड़कियन कै शिक्षित हुवब बहुत बड़ी बात मानी जाथै।एक गांव ऐसन जहाँ लड़कियन का घर से बाहर भेजै के ताई हजार बार सोचा जाथै। वहिकै ऊषा सिंह सहकारी समिति सभापति कै चुनाव जीतके मेरारून के ताई एक सुनहरा सपना कै शुरुआत केहे अहैं। तौ जाना जाय ऊषा सिंह से कि चुनाव जीतके किसानन के ताई ख़ास काव करै वाली अहैं
ऊषा सिंह सहकारी समिति सभापति कै कहब बाय कि सबसे पहले किसानन के ताई समिति मा जवन नियम होये वका हम बढ़िया से पढ़ब पढ़े के बाद क्रिया रूप मा लागू करब। जेकै लाभ हमरे किसान भाई का मिले। हम यहि बात पै जोर दियब की जवन किसान मेहरारू अहैं उनकै नाम यहि जगह पै जरुर आवै। अउर हम उनका प्रोत्साहित भी करब। काहे से मेहरारुन कै खेती मा भरपूर योगदान बाय। लगभग साठ प्रतिशत मेहरारू खेती कराथिन। हम महिला किसानन का प्रोत्साहित करब अउर उनकै उत्साह वर्धन करब।  

 रिपोर्टर-कुमकुम यादव

Published on Feb 6, 2018