महिलाओं के वर्चस्व के लिए आगे आया मलयाली सिनेमा  

साभार: पेक्सेल्स

महिला मलयालम सिनेमा के कलाकारों और तकनीशियनों ने मिल कर ‘महिलाओं का सामूहिक सिनेमा’ के नाम से एक मंच शुरू किया गया है। इस सामूहिक प्रयास में फिल्म संपादक बीना पॉल, अभिनेत्री मंजू वार्यर, पार्वती थरवोथ, रीमा कालिंगलिंग, रेमी नामबेशन, सजीता मदाबिल, निर्देशक अंजली मेनन, विंधु विन्सेन्ट और कैमरे संचालक फौजिया फितिमा हिस्सा बनी हैं।

18 मई को इस समूह के लोगों ने मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन से मुलाकात की और भरोसा दिलाया की सरकार का समर्थन भी उन्हें दिया जायेगा।

इस प्रयास का कारण फरवरी में मलयाली अभिनेत्री के अपहरण और यौन उत्पीड़न की घटना के से प्रेरित होकर किया गया है। मलयाली सिनेमा का मानना है कि एक पुरुष वर्चस्व वाले उद्योग जगत में महिला सितारों की सुरक्षा की चिंता बनी रहती है जिसके लिए यह कदम उठाना जरुरी माना गया।

यह भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास है जिसमें तकरीबन 500 अभिनेताओं ने अपना समर्थन दिया है।