मस्ती के साथ सपनों की उड़ान भी लगा रहे हैं बांदा, महोबा के ये नौनिहाल

जिला बांदा और महोबा। 14 नवम्बर का दिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। बच्चें स्कूल में रंग बिरंगे कपड़े पहन कर जाते है और खूब मौजमस्ती करते हैं। स्कूलों में ही दुकानें लगाई जाती हैं और संगीत का प्रोग्राम भी होता है। स्कूल के टीचर भी बाल दिवस की तैयारी करते है। बाल दिवस नन्हीं मुस्कानों का दिन हैं बच्चों की उम्र छोटी हैं पर सपने छोटे नहीं हैं बच्चों के  इन सपनों को हार जीत भी नहीं रोक सकती वो बच्चें बिना चिंता किये आगे बढ़ते है और दुनिया में अपनी पहचान बनातें हैं। तो जानते हैं इस दिन को इन्हीं बच्चों की जुबानी कि वो इस दिन को कैसे मनातें हैं।
बांदा की प्रियंका का कहना है कि 14 नवम्बर को जवाहरलाल नेहरु का जन्म दिन मनाया जाता है। उन्होंने अपना जीवन बच्चों के नाम कर दिया था इसी वजह से बाल दिवस मनाया जाता है। मेरा सपना है कि मैं गायिका बनूं मुझे नेहा कक्कड़ के गानें बहुत पसंद है।
वन्दना ने बताया कि हमारे स्कूल में रंगारंग कार्यक्रम के साथ दुकानें भी लगातें हैं और दोस्तों के साथ घूमते हैं मुझे आर्ट बनाना बहुत पसंद है और मैं बड़े शौक से आर्ट बनाती हूं।
महोबा की अंजली ने बताया कि बाल दिवस के दिन हम खूब मौजमस्ती और खेलकूद करतें हैं। सभी बच्चों के साथ मिलजुल कर बाल दिवस मनानें में बहुत मजा आती हैं।
बच्चों को उनका दिन बाल दिवस मुबारक हों।

बाईलाइन-गीता देवी और श्यामकली

Published on Nov 14, 2017