मशहूर गायिका मुबारक बेगम ने दुनिया को कहा अलविदा

MUBARAK_BEGUM

किसी जमाने में अपनी आवाज से लाखों लोगों को दीवाना बनाने वाली 80 साल की मुबारक बेगम नहीं रहीं। ‘कभी तन्हाइयों में यूं, हमारी याद आएगी’ जैसे सदाबहार गीत को अपनी आवाज देने वाली मुबारक ने एसडी बर्मन, शंकर-जयकिशन और खय्याम जैसे प्रतिष्ठित संगीतकारों के साथ काम किया।

मुबारक बेगम ने मुख्य तौर पर 1950 से 1970 के दशक के बीच बॉलीवुड के लिए सैकड़ों गीतों और गजलों को अपनी आवाज दी थी जिसके लिए उन्हें याद किया जाता है. बेगम ने 1961 में आई फिल्म ‘हमारी याद आएगी’ का सदाबहार गाना कभी ‘तन्हाइयों में हमारी याद आएगी’ को अपनी आवाज दी थी.
मुंबई के जोगेश्वरी में अपने परिवार के साथ रहने वाली मुबारक बेगम की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। काफी सालों से महज पेंशन पर ही उनका गुजारा चल रहा था। बेटा भी इतना अच्छा नहीं कमा पा रहा था। बॉलीवुड के साथ इतने साल गुजारने वाली मुबारक को वहां से भी कोई आसरा नहीं मिला और वह गुमनामी के अंधेरों में खोती चली गईं।  हालांकि बीच में खबर आई थी कि सरकार ने बेगम को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है।
वह उपनगरीय मुंबई के जोगेश्वरी में एक बेडरूम के घर में रहती थीं। पिछले वर्ष उनकी बेटी की मौत के बाद से ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। 2013 में एक इंटरव्यू के दौरान मुबारक ने अपनी हालत पर बात करते हुए कहा था कि अपने मुंह से वह किससे मदद के लिए कहें, क्या उन्हें नहीं पता कि खर्च कैसे चलता होगा? सरकार से उन्हें शिकायत थी, जो उस समय महज 700 रुपये पेंशन देती थी। बेटा जैसे-तैसे टैक्सी चलाकर गुजारा कर रहा था। बीमार बेटी पर हर महीने 5 से 6 हजार महीने खर्च करने पड़ते थे। यही नहीं उन्होंने बिना नाम लिए बॉलीवुड के प्रति भी नाराजगी जाहिर की थी।