मनरेगा में कब मिली बाकि मजदूरी

जिला वाराणसी, ब्लाक चोलापुर, गावं दमितवा। इहां के लगभग पैतिंस मजदूर जून 2013 में समूी माई के मन्दिर के पास समतली करण के काम कइले हयन। लेकिन अभहीं तक ओनके मजदूरी नाहीं मिलल हव। इ कारण से मजदूरन के रोजगार सेवक आउर प्रधान के चक्कर लगावे के पड़त हव।प्रेमा देवी पन्द्रह दिन, छेदी लाल आउर देवालाल चैबीस दिन, शिवकुमार पन्द्रह दिन काम कइले हयन। इ लोगन के कहब हव कि खानी हमने काम नाहीं कइले हईहमने के साथ साथ बाईस मजदूर काम कइले हयन। कुछ ना कुछ सबकर बाकि हव। हमने के हाजरी भी जॉब  कार्ड पर नाहीं चढ़ल हव।हमने गरीब आदमी इ सोच के काम करल जाला कि काम करल जाई त पइसा मिल जाई। बच्चन आउर परिवार के कुछ सहारा हो जाई। लकिन काम कइले के बाद दस बार मजदूरी खातिर के दउड़े के पड़ला। आजकल आजकल करत हयन। तीन महीना हो गएल लेकिन अभहीं तक नाहीं मिलल। रोजगार सेवक भारत भूषण से मिलने की कई बार कोशिश करल गएल लेकिन ओनसे बात नाहीं हो पाएल।प्रधान रामधनी के कहब हव कि हमके नाहीं मालूम रहल कि जॉब  कार्ड पर मजदूरी नाहीं चढ़त। आज गावं   में हम गएल रहे त गावं  वालन बतइलन कि मजदूरी नाहीं मिलत हव। हम रोजगार सेवक से बात करे हे। मस्र्टड रोल खतम हो गएल रहल। सप्ताह भर में उनके मजदूरी के भुगतान हो जाई।