मनरेगा ठप, लोग अनजान

National_Rural_Employment_Guarantee_Act_NREGA_logoलखनऊ। मनरेगा में काम मिलने की राह लोग तक रहे हैं। लेकिन उन्हें क्या पता कि उनकी पंचायतों में इस योजना के तहत काम मिलना बंद हो चुका है।
ब्लॉक सरोजनी नगर, पंचायत कमला पुर और चंद्रावल। यहां के नारायण, विष्णुधरा, कलावती, गंगा देवी ने बताया कि जब मनरेगा का काम शुरू हुआ था तभी कुछ दिन तालाब और रोड में काम मिला। उसके बाद कोई काम नहीं मिला। प्रधान से जब भी कहो तो कहते हैं जब काम है ही नहीं तो कहां से दे दें? बहुत जोर डाला तो हमें यहां से काफी दूर पी.जी.आई में काम देने की बात कही गई। पी.जी.आई की दूरी करीब आठ किलोमीटर है। आने जाने में बीस रुपए खर्च होंगे। किराए में लगने वाला खर्चा कहां से आएगा ? प्रधान रघुवीर यादव और सचिव अजय सिंह ने बताया कि ये पंचायत शहर से सटी हुई है। यहां के मजदूर तीन सौ से चार सौ रुपए रोज़ कमाते हैं। मनरेगा में डेढ़ सौ रुपए में काम करने कोई नहीं आता है। इसलिए हमने दो साल पहले ही यहां काम बंद करा दिया है।

जिला श्रम रोजगार विभाग के उप आयुक्त वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जगह-जगह प्लाटिंग हो रही है लोग वहीं काम पर जाते हैं। इसलिए सरकारी आदेश से लखनऊ की अड़तालिस ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम बंद करा दिया गया है। अगर वहां के लोग काम करने के लिए तैयार हैं तो वो आवेदन दें। अगर उस पंचायत में काम नहीं होगा तो दूसरी पंचायत में उन्हें काम दिया जाएगा।