मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूल में बच्चों को नंबरों की जगह स्माइल दी जाएगी!

मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों का मूल्यांकन उत्तर पुस्तिका की जगह अभ्यास पुस्तिका के आधार पर किया जायेगा। जिसमें नम्बर नहीं बल्कि इमोजी यानी स्माइली बना कर बच्चों को उनकी मेहनत के बारे में बताया जायेगा।
यही नहीं, उन्हें भयमुक्त वातावरण में आंनददायी तरीके से मूल्यांकन के लिए अभ्यास पुस्तिकाओं में प्राप्तांक के स्थान पर स्माइली दिए जाएंगे।
छात्र ने दक्षता प्राप्त कर ली है तो उसके लिए 3 स्माइली दिए जाएंगे। अगर वह किसी दक्षता को सीखने के स्तर पर है तो दो स्माइली और विद्यार्थी के अधिक प्रयास की जरूरत है तो उसके प्रगति पत्रक पर एक स्माइली दी जाएगी। प्रगति पत्रक में बच्चों को व्यक्तिगत और सामाजिक गुणों में उपलब्धि की स्थिति भी दी जाएगी।
इस वर्ष नया शिक्षण सत्र अप्रैल से शुरू होगा। वार्षिक मूल्यांकन और नए शिक्षण सत्र की तैयारियों के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों और राज्य शिक्षा केंद्र जिला समन्वयकों को निर्देश दिए गये हैं।
पहली और दूसरी के छात्रों का 50 प्रतिशत लिखित एवं 50 प्रतिशत मौखिक रूप से मूल्यांकन किया जायेगा। इसमें हिंदी, गणित एवं अंग्रेजी की अभ्यासपुस्तिका में लिखित रूप से कार्य होगा। सरकारी स्कूलों में हिंदी, गणित और इंग्लिश के लिए नवीन प्रगति पत्रक बनाया गया है। इनमें शिक्षक द्वारा बच्चों की उपलब्धि का स्तर स्माइली(इमोजी) चिन्हों द्वारा अंकित किया जायेगा।