मतदान के पिछे जाई छई जान

मतदान केन्द्र
मतदान केन्द्र

लोकतंत्र के चुनाव के लेके सब जिला, राज्य में अलग-अलग चरण में मतदान हो रहल हई। मतदान के लेके केतना जगह लोग के मौत हो जाई छई त केतना जगह आपसी विवाद, दंगा फसाद होई छई। बिहार राज्य में भी लगभग सात जिला में पांचवा चरण में मतदान सात मई 2014 के भेलई जेईमें कुछ जगह कुछ न कुछ समस्या झेले के परलई।
जईसे बथनाहा प्रखण्ड के रामपुर इंदरवा पंचायत बूथ संख्या 224 पर पुलिस फायरिंग में भिखारी राय के मौत हो गेलई। कई जगह के लोग वोट देवे से इन्कार कलथिन। कारण कि उनका सब के गांव में कोई विकास के काम न हो पलई। जईसे सुरसण्ड प्रखण्ड के राधाउर पंचायत के बूथ संख्या पचासी पर वोटर वोट न गिरलथिन। कारण कि ओई गांव के लोग कहलथिन कि इहां न बिजली, न सड़क के कोनो काम भेल हई। सरकार के जब वोट के समय अबई छई त गांव-गांव में घूम के लोग सब के सब पार्टी के लोग कहईत रहई छथिन कि हम जितब त सब गांव के विकास करब। लेकिन जित के चल गेला के बाद दुबारा देखहु न अबई छथिन। विकास त दुर के बात हई।
ऐहन मामला कई जगह सुने के मिललई। सरकार कोई बनतई लेकिन जान जनता के जाई छई। इहे न मतदान के लेके महंगाई के मार भी जनता के ही खाय के परई छई। सता में आके कोन केतना की करतई इ त पता न पर लोग के जेब अभी जरूर खाली हो रहल हई। कुल मिला के हम कह सकई छी कि हर हाल में जनता ही मरई छई।