मड़इन का यहिके जानकारी नहीं आय

DSCN0831 DSCN0836दिल्ली रिजर्व बैंक कइती से लगभग तीन महीना पहिले आदेश आवा रहै कि सन् 2005 के पहिले वाले पांच सौ अउर एक हजार का नोट बैंक मा बदला जई, पै चित्रकूट जिला के ग्रामीण, कस्बा क्षेत्र मा मड़इन का बहुतै कम जानकारी हवै।
ब्लाक मऊ, गांव परदवां और सेमरा। हिंया के रामचन्द्र अउर सुमन का कहब हवै कि हमका पता नहीं हवै कि पांच सौ अउर एक हजार का नोट 2005 के पहले वाले बदलै का हवै। यहिके जानकारी अबै तक नहीं मिली हवै। वइसे भी हम गरीब मड़ई रोजै के खाये कमाये वाले आहीं।
ब्लाक पहाड़ी, गांव चकला मा रहैं वाले मनीष, ऊषा अउर संवरिया बताइन कि या नियम सरकार लागू तौ कइ दिहिस हवै, पै वहिके बारे मा पता नहीं हवै।
ब्लाक कर्वी, गांव धौरही माफी। हिंया कल्लू अउर जगत कहत हवैं कि सरकार योजना शुरू कइ देत हवै। ग्रामीण इलाका मा रहैं वाले लोगन का योजना के बारे में नहीं मालूम रहत हवै। पता नहीं कि सरकार इनतान काहे करत हवैं।
ब्लाक रामनगर, गांव हन्ना विनैका। हिंया के रहैं वाले श्रीदत्त का कहब हवै कि जइसे मोहिका पता लाग तौ सन् 2005 के पहले वाले पांच सौ और एक हजार का नोट बैंक मा बदलैं का हवै तौ मैं परेषान होइ गयेंव हौं। अब काम छोड़ के बैंक के चक्कर लगावै का परत हवै, पै तबहूं जल्दी नोट बदली नहीं जात हवै।
चित्रकूट भारतीय स्टेट बैंक के प्रबन्धक युगुल किशोर का कहब हवै कि 30 जून 2014 तक पांच सौ अउर एक हजार का नोट 2005 के पहिले का बैंक से बदल लें। काहे से कि पुरान नोट होय के कारन नोट मा सन् लिखा रहत हवै वा कम देखाई देत हवै (फीचर सेक्रोटरी)। मड़ई आपस मा एक दूसरे से इनतान नोट नहीं बदल सकत हवै। केवल बैंक मा ही बदले जइहैं। अगर जून के बाद कउनौ नोट बदलैं आवत हवंै तौ वा आपन पूर प्रारूप लइके आवै। जइसे पहिचान पत्र, पैनकार्ड और राषन कार्ड। वहिका रिकार्ड बैंक मा रखा जई। या योजना रिजर्व बैंक के हवै।