मड़इन का आरोप कोटेदार नहीं दिहिस गल्ला

k  taja bourजिला चित्रकूट, ब्लाक मानिकपुर, गांव ब्यूर। हिंया राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लोगन का कोटेदार राषन नहीं दिहिस हवै। यहिसे मड़इन का बिना राषन लीने अपने घर लउटै का परै।
षालू कहिस कि मोर महतारी मनोजिया के नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राषन कार्ड बना हवै। 9 जनवरी का राषन कार्ड मा गल्ला लें कोटे गें रहौं  तौ कोटेदार गल्ला नहीं दिहिस हवै।
संगीता कहिस कि मोरे ससुर रणवीर सिंह का कोटेदार गल्ला नहीं दिहिस कहत रहै कि गल्ला खतम होइगा हवै। 20 जनवरी का गल्ला दीन जई।
राधेरमन, सोहनलाल अउर विनय कुमार कहिन कि कउनौतान का राषन कार्ड नही बना रहै। जबै कि हम पात्र हन। सरकार कइती से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राषन कार्ड बन गा हवै, पै गल्ला नहीं मिला आय। कोटेदार कहत हवै कि या योजना के तहत गल्ला नहीं आवा।
कोटेदार कमल कुमार कहिस कि लाल राषन कार्ड बत्तिस, सफेद 26 अउर पीला तीन सौ सोलह राषन कार्ड हवै। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दुइ सौ संतावन राषन कार्ड हवै। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चार कुंटल गेहूं अउर बारह कुंटल चावल मिला रहै। वा सबै बांट दीन गा। अबै जउन लोगन का गल्ला नहीं मिला। उनका गल्ला अई तौ बांट दीन जई।
जिला पूर्ति विभाग के बाबू अवधेश सिंह का कहब हवै कि कोटेदार के जांच करवाई जई। वहिके बाद वहिके खिलाफ कारवाही कीन जई। पूर जिला मा अबै तक मा लगभग आठ हजार खाद्य रसद के राशन कार्ड बन चुके हवै अउर अबै भी मड़ई फार्म भरत जात हवै।