मजदूर आदमी अपना पेट भरे या क़र्ज़? यही कहना है चित्रकूट जिले के खोह गाँव के लोगों का

चित्रकूट जिले के खोह गाँव में सरकार द्वारा उन लोगों की सूची तैयार की गई जिनके घर/कॉलोनियां अभी तक अधूरी हैं और जिनके लेंटर नहीं पड़े है। ग्राम विकास अधिकारी और प्रधान द्वारा यह नोटिस भी दिया गया है कि यदि ये जल्द नहीं बने तो कार्यवाही की जाएगी।
लेकिन असली समस्या यहाँ यह है  कि जो कॉलोनियां लोग बनवा चुके हैं, जिनमें उन्होंने अपना पैसा लगाया था वो पैसा अभी तक उन लोगों को वापस नहीं मिला है। इन कॉलोनियों को बनवाने के लिए सरकार गांववालों के खातों में किश्त के हिसाब से पैसा भेजती हैं और अभी तक सिर्फ एक किश्त ही लोगों के खातों में आई थी जिसके बाद वह मजबूर हो गये अपने पैसे से घर बनवाने के लिए। इस पूरे मामले पर खबर लहरिया की रिपोर्टर नाजनी ने नजर डाली और लोगों से इस बारे में बात की…
गाँववासी गोमती ने बताया कि ये कॉलोनी 9-10 महीनें से अधूरी पड़ी है और अभी तक चालीस हजार की एक ही किश्त आई है। हम इंतज़ार में हैं कि कब आये और आगे काम शुरू करवाएं।
बिफरतिया ने बताया कि हमने दो किश्त अब तक उठाई हैं और इसमें हमारा दस हजार लग चूका है। अभी शौचालय और लेंटर भी बाकी है। हमें परसों सचिव नोटिस दे कर गया है कि जल्द बनवा लें अधुरा मकान लेकिन जब पैसा ही नहीं है तो कैसे बनवाये।
इस बारे में गुड़िया ने बताया कि हमें एक हफ्ता हो गया परेशान होते हुए। हम कहाँ से कर्ज लें और कौन देगा। छोटी रकम होती तो यहाँवहां से करके लगा भी दें लेकिन बड़ी रकम कोई उधार देता है हम फिर चूका पाएंगे।
इस बारे में सुषमा ने बताया कि उनका मकान 6 फुट तक बन गया है लेकिन अभी तक दूसरी किश्त नहीं मिली है। हमने कई बार कहा लेकिन सचिव सुनता है प्रधान और इस अधूरे काम को पड़े हुए भी दस महीने पूरे हो गये हैं।
इस पूरे मामले पर खंड विकास अधिकारी, कुलदीप कुमार का कहना था कि शासन द्वारा 31 जनवरी तक आवास बना लेने की तारीख़ तय थी और इसके लिए हम तीन किश्तों में पैसा दे रहे हैं। पहली किश्त चालीस हजार की होगी जिसमें नींव भरवा कर चारों तरफ दीवारें खड़ी करवा लेनी हैं। उसके बाद दूसरी किश्त सत्तर हजार की दी जाती है जिसमें घर की छत डालनी होती है और जब छत पड़ जाती है तब उसके बाद तीसरी किश्त जाएगी जो दस हजार रूपये की होती है जिसमें खिड़की, जंगला, सफाईपुताई करवाना होता है। यह काम इन सभी को 31 जनवरी तक कर लेना था लेकिन कुछ लोगों ने ऐसा नहीं किया इसलिए उन्हें नोटिस पकड़ाया गया।

रिपोर्टर- नाजनी रिजवी

Published on Mar 27, 2018