मजदूरी खातिर लगाई गुहार

karvahi-copyजिला महोबा, ब्लाॅक कबरई गांव बरा। एते के पचास आदमियन को वन विभाग मे काम करें की मजदूरी नई मिली हे। जीसे आदमी अपने परिवार पाले खा सड़क मे आ गये हे। 14 जून खा आदमियन ने महोबा एस.डी.एम. खा दइखास दई हे।
शीतल बताउत हे की एक साल पेहले मे जंगल मे पेड़ लगायें के लाने गड्ढा खोदे को काम करो हतो। एक गड्ढा को सत्तर रूपइया देत हते। मोई मजदूरी 17 हजार रूपइया होत हे।
पन्चू कहत हे की हम मजदूर आदमी एई मजदूरी से पारिवार पालत हते। मजदूरी को रूपइया दस हजार होत हे। मजदूरी के लाने दिन दोपहरी भूखे काम करो हे। मजदूरी न मिले के कारन हमाओ परिवार भूखमरी के कगार में आ गये हे। रामकली कहत हे की ठण्डी के महीना मे छोट्-छोट् बच्चन खा अकेले घर मे छोड़ के काम करो हतो। तीन महीना की मजदूरी एक रूपइया नई मिलो हे। 162 रूपइया दिन के हिसाब से कहत हते। अब रूपइया मांगत हे तो वन विभाग को गार्ड मिथलेश कुमार कहत हे की तुम्हाओ रूपइया न मिलहे। हरगोविन्द कहत हे की मोये परिवार मे पांच सदस्य हे। मोई मजदूरी दस हजार रूपइया होत हे। वन विभाग को गार्ड धमकी देत हे की जिते दरखास देने हे दे दो। रूपइया न मिलहे। एई से 14 जून खा दरखास दई हे। मजदूरी दिबायें की मांग करी हे।
महोबा एस.डी.एम. सुशील प्रताप सिंह कहत हे की मेंने वन विभाग के अधिकारी खा लिख दओ हे। ओई जांच करहे, ओर मजदूरी दिबाई जेहे।
वन विभाग को गार्ड मिथलेश कहत हे की मनरेगा के तहत काम कराओ हतो। पूरो बजट सबके खाता मे भेज दओ हतो। आदमी झूठ कहत हे।

रिपोर्टर – श्यामकली, सुनीता प्रजापति