मजदूरी के लिए भटक रहे लोगों के पास नहीं है दवा के पैसे चित्रकूट जिले के रिहुटिया गाँव की स्टोरी

जिला चित्रकूट, ब्लाक कर्वी, गांव रिहुटियां। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना मा कइयौ महीना से मजदूरी नहीं मिली आय। मजदूरन के पलायन रोके खातिर अउर रोजगार दे खातिर सरकार महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना शुरू करिस रहै मजदूरी न मिले के कारन कउनौ के घर मा चूल्हा नहीं जलत तौ कउनौ के लगे दवाई खातिर रूपया नहीं आय।छह महीना से मड़ई प्रधान अउर अधिकारिन के चक्कर लगावत हवै। मनरेगा अधिकारी राम उजरेज यादव का कहब हवै कि एक करोड़ पैंतीस लाख ग्यारह हजार नौ सौ अठावन रूपिया बजट बना के भेज दीन गा हवै जबै रूपिया आ जई तौ मजदूरी दीन जई।
सुरेश बताइस कि मोर मजदूरी का रुपिया मिल जात तौ दवाई करावे के काम आवत डाक्टर पर्चा लिख के दइ देत हवैं दुकान से दवाई ख़रीदे का पड़त हवै। छोटे प्रसाद बताइस कि दीपावली के पहिले उनतिस गढ़ाही खोदे काम करे हौं एक गढ़ाही के एक सौ पचहत्तर रुपिया मिलत हवै। लाला प्रसाद बताइस की एक महीना पहिले चालिस गढ़ाही खोदे का काम कीने रहेव एक दीन मा एक गड़ाही खोद जा हवै। ग्राम रोजगार सेवक हेमराज सिंह बताइस की शासन से रुपिया नहीं आवत तौ मजदूरी नहीं मिलत आय। लगभग अनठानबे मजदूरन के मजदूरी नहीं मिली आय।
बाईलाइन-नाजनी रिजवी

Published on Nov 14, 2017