मच्छर चालिसा

(फोटो साभार -  विकिपीडिया )
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1-बोलो खून चूसन डंक मारन मच्छर देव की जय।

2-जय मच्छर भगवान उजागर जय भगवति रोगों के सागर।

3-नगर दूत अतुलित बलधामा तुमसे जीत न पावें

4- मधुर मधुर खुजलाहट लाते सबकी देह लाल कर जाते।

5- गुप्त रूप धरि तुम आ जाते भीम रूप धरि तुम खा जाते।

6- गली बाजार घर-घर माहिं काट खाय तौ अचरह नाहीं।

7-नाम तुम्हारे बाजे डंका।

8-सभी जगह आदर तुम पाते बिना इजाजत अन्दर तुम घुस जाते।

9-मलेरिया के तुम दाता खटमल के तुम हो भ्राता।

10-जनता तुम्हें खूब पहंचाने नगर पालिका तुम्हारा लोहा माने।