भारत के पहले महिला विश्वविद्यालय ने पूरे किये 100 साल

Old_collageश्रीमती नाथीबाई दामोदार थाकेर्सेय (एसएनडीटी), भारत में महिलाओं के लिए बनाया गया सबसे पहला विश्वविद्यालय है जिसने इस साल अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं। एसएनडीटी की स्थापना 5 जुलाई 1916 में डॉक्टर धोंडो केशव कर्वे ने की। उनका यह विश्वविद्यालय बनाने का मुख्य उद्देश्य यह था कि देश की ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को पढ़ने का मौका मिले।वर्ष 1921 में इस विश्वविद्यालय में केवल 5 छात्राएं थीं लेकिन आज 15,000 महिलाएँ एसएनडीटी में पढ़ रहीं हैं।

एसएनडीटी की पूर्व छात्राओं में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और रानी मुख़र्जी जैसी जानीमानी हस्तियों का नाम भी शामिल है। इस विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर दक्षिण मुंबई में है। इसके अलावा दो परिसर और कई शाखाएं हैं जो एसएनडीटी से जुड़ी हैं। एसएनडीटी में आज डिप्लोमा से ले कर डॉक्टरेट तक लगभग 250 पाठ्यक्रम पढ़ाये जा रहे हैं।

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) देश के विश्वविद्यालों को विभिन्न आयामों पर जांच करती है और उसके अनुसार अंक देती है। नैक ने एसएनडीटी को ‘ए’ ग्रेड दिया है, जो देश के सबसे बेहतरीन विश्वविद्यालों को मिलता है।