भारत का अड़सठवां गणतंत्र दिवस

साभार: विकिमीडिया कॉमन्स

26 जनवरी को भारत का अड़सठवां गणतंत्र दिवस मनाया जाने वाला है। जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और हर साल की तरह, इसे राजधानी दिल्ली में मनाया जाएगा।
गणतंत्र दिवस के समारोह में प्रथा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले अमर जवान ज्योति पर श्रधांजलि अर्पित करते हुए, गणतंत्र दिवस की परेड के लिए राजपथ जातें हैं। राष्ट्रपति परणब मुख़र्जी राष्ट्रीय ध्वज लहराकर समारोह का प्रारंभ करतें हैं। इसके बाद अलग अलग प्रान्तों से झांकियों का प्रदर्शन होता हैं, जो देश के अलग अलग खूबियों को दर्शाता है, कलाओं से लेकर रेहन-सेहन और खान-पान को।
भारत की वायु सेना आर्मी के जवान और कॉमनडोज़ भी अपनी काबिलियत का प्रदर्शन करतें हैं। वायु जिनमें वायु सेना के हवाई करतब मशहूर होते हैं।
हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस पर एक ख़ास अंतरराष्ट्रीय मेहमान बुलाये जाते हैं। आबू दाबी के राजकुमार शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नहयान इस अड़सठवें गणतंत्र दिवस पर विशेष अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे। गणतंत्र दिवस पर अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का शामिल होना देश के गर्व को बढ़ाता है। 2015 में जब अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल आये थे, तब दुनिया भर में इस बात की चर्चा हुई थी।
गणतंत्र दिवस भारत के संविधान स्थापना कि तिथि है, 26 जनवरी 1950 को ही भारतीय संविधान लागू किया गया था। इस संविधान को लिखने में डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर, जो दलित अधिकारों पर बहुत काम करतीं थे, का बहुत बड़ा योगदान रहा था।