भाजपा का कमल लहराया उत्तर पूर्व में भी, एक ऐतिहासिक जीत

साभार: विकिमेडिया कॉमन्स

मेघालय में 21 सीटें जीतकर भी कांग्रेस सत्ता से दूर रह गई और अब मात्र दो विधायकों के साथ भाजपा सरकार में शामिल होने जा रही है।
राजग की सहयोगी एनपीपी के अध्यक्ष कॉनराड संगमा ने 34 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए राज्यपाल गंगा प्रसाद के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के तीनों राज्योंत्रिपुरा, नगालैंड मेघालय, जहां हाल में चुनाव हुए हैं, राजग की सरकारें बनने का रास्ता साफ हो गया। पूर्वोत्तर केसेवन सिस्टर स्टेटमें अब मात्र मिजोरम में कांग्रेस सरकार रह जाएगी।
इसी के साथ 21 राज्यों में भाजपा या उसकी सहयोगी पार्टी की सरकारों का रास्ता साफ हो गया है। संगमा ने एनपीपी (19), भाजपा (2), यूडीपी (6), एचएसपीडीपी (2), पीडीएफ (4) और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंप दिया।
राजभवन की ओर से औपचारिकताओं का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन, संगमा का मुख्यमंत्री बनना तय है। 60 सदस्यीय विधानसभा में 59 सीटों के लिए वोट डाले गए थे। राकांपा उम्मीदवार की धमाके में मौत के चलते एक सीट पर चुनाव नहीं हुआ था। बताया जा रहा है कि 6 मार्च को कॉनराड संगमा शपथ ले सकते हैं।
बता दें कि कॉनराड संगमा मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा के पूर्व स्पीकर स्व. पीए संगमा के बेटे हैं। 1996 में पहली बार जब 13 दिनों के लिए अटल सरकार बनी थी, उस समय संगमा ही स्पीकर थे। कॉनराड की बहन अगाथा संगमा मनमोहन सिंह सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रह चुकी हैं। उनके बड़े भाई जेम्स इस समय विस में विपक्ष के नेता हैं। दोनों भाई पहली बार 2008 में विधायक बने थे। उनकी स्कूली शिक्षा सेंट कोलंबस स्कूल, दिल्ली में हुई है। वे लंदन और पेन्सिलवेनिया में पढ़ाई कर चुके हैं।