भगवान ऐसा कलयुगी बेटा किसी को न दे, जानने के लिए देखें ललितपुर के उल्दना कलाँँ का वीडियो

जिला ललितपुर के गांव उल्दना कलां में जयपाल ने अपनी माँ को 25 मार्च की  शाम 5 बजे इसी गली में गला दबा-दबाकर मारा। मारने के बाद पन्द्रह दिन तक मा का इलाज चला उसके बाद 18 अप्रैल को माँ की मौत हो गई। गांव वालों का आरोप है कि जयपाल को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिये। जयपाल सिंह से सारा गांव परेशान है, वह शराब का आदी है आरोपी जयपाल आय दिन शराब पीकर उपद्रव मचाता है। गांव वालों ने 20 अप्रैल को गांव में पंचायत लगाई, आरोपी को गांव में न घुसने देने का ऐलान किया।

मृतिका कि बहू सुनीता का कहना है कि 25 अप्रैल को शाम 5 बजे खेत से आ रहीं थी, तो ये वही पर छेककर खड़ा था। उनको पत्थर में पटक-पटककर मारा है। पेट में पत्थर और लात घूसों से मारा है। मारते देख किसी ने 100 नंबर को बुलाया तो वह भाग गया। तब पुलिस ने अस्पताल भेजा। तो हम लेकर ललपरा गये, फिर ललपरा से रेफर कर दिया, तो झाँसी ले गये। वहां से आने के चार, पांच दिन बाद उनकी मौत हो गई।

चचेरा भाई जगभन का कहना है कि मौके में उसका छोटा भाई बचाने पहुंचा तो उसको भी माँ, बहन, बेटी कि गाली देकर भगा दिया बोला भाग नहीं तो तेरा सिर फोड़ दूंगा। तो वो बेचारा भाग गया। दो बार तो घर में घुस चुका है। दोनों भाइयों के बीच लड़ाई हुई थी, तो पुलिस भी आई थी। पुलिस वालों ने पैसा लेकर धारा 307, में 354 के तहत कर दिया और जयपाल को जमानत मिल गई। मृतिका का बड़ा बेटा भगवत ने बताया कि वो पहले से मरता था। कम से कम दस बार मार चुका है। मारते-मारते उसने जान से मार दिया। उसकी चार, पांच एफ.आई.आर भी हैं। वो छूट जाता है, कोई उसे छुटा लेता है। घूमन पड़ोसी ने बताया कि धारा 302 के तहत सजा मिलनी चाहिये। ऐसा आदमी हमारे गांव में लौटकर न आए। उसको आजीवन कारावास हो जाय। गांव वाले उसकी शक्ल भी नहीं देखना चाहते हैं।

दरोगा सौजना थाना कृष्ण बिहारी का कहना है कि पोस्टमार्टम में गंभीर चोट लगने से कुवांरबाई के मौत हुई है। धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

रिपोर्टर: राजकुमारी

Published on Apr 23, 2018