बढ़ती गर्मी किसानों की आत्महत्याओं का कारण

फोटो और लेख साभार: इंडियास्पेंड

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में इसका दावा किया है, खेती के किसी भी मौसम में तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की भी वृद्धि होती है तो उससे किसानों की आत्महत्या के आंकड़े में औसतन 67 प्रतिशत का इजाफा होता है। भारत में 2050 तक तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस का इजाफा होने के आसार हैं, ऐसे में भारतीय किसानों के लिए आने वाला वर्ष और चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। 
ये रिपोर्ट की लेखिका कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी की टेम्मा कार्लटन कहती हैं, ‘मेरे आकलन से बीते तीन दशकों में लगातार तापमान में इजाफा हुआ है और यह देश में 59,000 किसानों की आत्महत्याओं के लिए जिम्मेदार रहा है। भारत में खेती बेहद चुनौतीपूर्ण व्यवसाय है जिसमें सालाना आमदनी पूरी तरह मौसम पर निर्भर होती है। भारत में अगले 30 साल में तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस के इजाफे की उम्मीद है, इससे मौसमी चक्र में बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं।
भारत में साल 2016 में अच्छी मॉनसूनी बारिश के बावजूद 11,458 किसानों ने आत्महत्या की। हालांकि, दो दशक में यह पहली बार था जब सबसे कम आत्महत्याएं हुईं थीं। इससे पहले के दो सालों में सूखे की हालत रही जिसमें किसानों की आत्महत्याएं ज्यादा हुईं। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने संसद में इस बात को माना भी कि 2016 से पहले के दो सालों में किसान की खुदकुशी में 9% का इजाफा देखा गया।