बोवाई के समय खाद मिलै मा दिक्कत

खाद लें खातिर बइठ किसान
खाद लें खातिर बइठ किसान

जिला, बांदा ब्लाक तिन्दवारी, गांव पलरा अउर सहिंगा। इं दूनौ गांवन के सहकारी समितियन मा किसान का खाद लें  मा अलग-अलग तान के दिक्कत होत है। यहिसे फसल बोवै के बाइत निकरी जात है।
पलरा गांव के किसान कैलाश, सूरज अउर अतरहट गांव का किसान दुलुवा पलरा सहकारी समिति मा खाद लें आये रहैं। बतावत रहैं कि या समय खेतन के बोवाई खातिर डी.ए.पी. खाद के बहुतै जरूरत है। चिल्ला कस्बा के साधन सहकारी समिति मा ग्यारह सौ रूपिया के एक बोरी डी.ए.पी खाद मिलत है, पै पलरा गांव के साधन सहकारी समिति मा ग्यारह सौ दस रूपिया के एक बोरी खाद देत हैं। मजबूरी मा किसानन का दस रूपिया महंगी खाद खरीदैं का परत है। समिति के करमचारी कइयौ किसानन का या कहिके लउटा देत हैं कि आज खाद चुक गे दूसर दिन अयेंव। इनतान से कसानन हफ्तन बीतैं मा उंई प्राईवेट दकान जात हैं। होंआ पचास रूपिया महंगी खाद खरीदत हैं। समिति के करमचारी प्राइवेट दुकानदार के हेंया से खाद बेचवावत हैं। जेहिसे करमचारिन का पचास रूपिया फायदा होत होत हैं।
पलरा साधन सहकारी समिति का सचिव जयवीर सिंह कहत है कि ग्यारह सौ दस रूपिया के एक बोरी डी.ए.पी. खाद देत हन। जउन किसान प्राइवेट दुकानन से खाद लेत हैं उनका साढ़े ग्यारह सौ के मिलत है। हर किसान से दस रूपिया ज्यादा लइके खाद लावैं वाले ट्रक का भाड़ा, खाद उतारैं वाले मजदूर का रूपिया दें का परत है।
यहिनतान सहिंगा गांव का किसान मनोज कहिस कि चार दिन से रोजै तिन्दवारी के सहकारी समिति मा खाद ले आवत हौं। भीड़ के कारन खाद नहीं मिल पावत। पूरा दिन बरबाद होई जात है अउर किराया भाड़ा भी लाग जात है। पिपरगवां गांव का बलराम कहत है कि हम गरीब किसान दिन-दिन भर तिन्दवारी के सहकारी समिति मा बइठ रहत हन। खाद के बोरी दस पसेरी के होत है, पै सहकारी समिति वाले फाट बोरी दई देत है। पांच-पांच किलो खाद कम निकरत है। गरज मा फाट बोरी लें का ही परत है।
तिन्दवारी सहकारी समिति के सचिव देवेन्द्र सिंह परिहार का कहब है कि या समिति से तेरह गांव के किसानन का खाद मिलत है। खाद कम आवत है अउर किसान ज्यादा हैं। जबैकि रोज का एक ट्रक खाद आवैं का चाही तबै किसानन का पुज पाई। ग्यारह सौ रूपिया के बोरी दीन जात है।