बैल का लइके भे लड़ाई

जिला चित्रकूट, ब्लाक मानिकपुर, गांव खिचरी। हिंया के रहैं वाली भोंडी नाम के औरत के खेत मा 3 अक्टूबर 2014 का पड़ोस मा रहैं वाले संतोष के बैल चरत रहै। भोंडी कुल्हाड़ी लइके बैल का भगाइस, पै कुल्हाड़ी बैल के लाग गे। यहै से लड़ाई अउर ज्यादा बढ़ गे। यहिके रपट 4 अक्टूबर 2014 का मानिकपुर थाना मा लिखाइगे।
गांव के भोंडी का कहब हवै कि मैं अपने खेत मा धान बोये हौं। संतोष के दुइ बैल खेत मा चरत रहंै। उनका भगावैं खातिर कुल्हाड़ी लइके दउडि़ंव तौ  धोखे से कुल्हाड़ी एक बैल के लाग गे। यहै से बैल चोटा गा। मैं संतोष का बदले मा दुइ हजार रुपिया अउर एक बैल दइ दीने रहौं कि वा मोर बैल अपने लगे  धइ ले अउर खेती करै। जबै वहिका बैल नींक होइ जाये तौ मोर बैल वा लउटा दे, पै येत्ते मा वहिका जी नहीं भरा। वा रात के मोरे लड़का सुशील का पकड़ के लीने जात रहै तौ लड़का हल्ला करिस तौ गांव के मड़ई छोड़ाइन हवैं। नहीं तौ पता नहीं कि मोरे लड़के का, का हाल करत।
संतोष के औरत कुम्मी का कहब हवै कि भोंडी हमका झूठै फंसावैं मा लाग हवै।
मानिकपुर थाना के बड़े दरोगा ओ.पी. शर्मा का कहब हवै कि संतोष का 5 अक्टूबर का जेल होइगे हवै। वहिके खिलाफ 223 धारा लाग हवै।