बेलन चिमचा लइके निकालिन जुलूस

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जिला चित्रकूट, कस्वा कर्वी। हिंया 18 जनवरी 2016 का प्राइमरी अउर जूनियर स्कूल मा खाना बनाये वाली लगभग तीन सौ औरते तहसील मा प्रर्दषन करिन प्रर्दन करिन रहै। काहे से खाना बनाये वालिन का समय से मानदेय नहीं मिलत आय।
मछरिया गांव कि कंचन अउर गौरा बताइन हम छह बरस से प्राइमरी स्कूल मा खाना बनाइन हन। एक हजार रुपिया मिलत रहै पै समय से नही मिलत अउर कम भी मिलत हवै। हमका हर महीना मानदेय मिलै का चाहिए। पहाडी ब्लाक सगवारा गांव के रनिया चन्दनिया अउर नथिया कहिन हमका अक्टूबर 2015 मा छह हजार रुपिया मिला रहै छह महीना का पै नवम्बर से फेर नहीं मिला आय। जबै हर विभाग के वेतन हर महीना मिलत हवै। यहिसे हमरे परिवार मा खाना पिना के बहुतै समस्या होइ जात हवै इनतान के मंहगाई मा एक हजार रुपिया मिलत है, पै कत्तौ साल भर मा तौ कत्तौ छह महीना मा देत हवै वा बीच कर्जा लई के पेट भरित हन रुपिया जउन मिलत हवै वहिका कर्जा भर देइत हन। कुछ रसौइया का कहब रहै कि मानदेय छह हजार रुपिया कीन जाय अउर परमानेट कीन जाये। हर बरस हमका बदला जात हवै सरकार से हमार बीमा होय का चाही।
शिक्षा विभाग के अधिकारी का कहब हवै कि अक्टूर 2015 मा 2 करोड 24 लाख रूपिया आवा रहै। सब का चार चार महीना का दीन गा रहै। अब बजट आई तबै फेर दीन जई। बांकी मांगै सरकार से करैं।