बेरोजगारी को दूर करते हुए महात्मा गांधी की यादों को जिन्दा रखने की कोशिश, बांदा जिले के पल्हारी गांव में

दरी अमीरन के घर के शान आय पै गरीबन के रोजीरोटी कमावे का साधन आय। बांदा जिला का पल्हरी गांव दरी के कारन मशहूर है। काहे से हिंया दरी बनावे के मील है। या मील गांधी जी के हथकरघा का बनाएं राखे खातिर चालू कीन गे है।
दरी मील के एमडी सैयद महबूब ख्वानी का कहब है कि हमार बहुतै बड़ा प्रोजेक्ट है। बांदा अउर फतेहपुर मा हमार काम होत है।
करीगर कुशमा कुशवाहा का कहब है कि या मील खुले से मड़इन का रोजगार मिला है। इनतान के अउर मील खुल जायें तौ बेरोजगारन का रोजगार मिल जायें।
करीगर लियाक़त अली बताइस कि दरी बन जात हैं तौ जल्दी बिकत नहीं आहीं, यहै कारन कत्तौ- कत्तौ एक सौ बीस रुपिया के दरी सौ रुपिया मा बेचें का पड़त है। इनतान हमें आपन मेहनत के पूर रुपिया नहीं मिलत आय।  

रिपोर्टर- शिवदेवी और गीता देवी

Uploaded on Feb 5, 2018