बेड न जगह के हई अभाव

अस्पताल के बरामदा में  परल बेड
अस्पताल के बरामदा में परल बेड

उत्तर बिहार का शिवहर जिला नक्सल प्रभावित हई। जहां के अबादी लगभग साढ़े छौ लाख हई। एतना आबादी के बाबजूद इहां के जिला के सदर अस्पताल में मात्र पचास बेड हई।
इहां के स्वास्थ्य प्रबंधक सुधीर कुमार कहलथिन कि इहां मरीज के दिक्कत के सामना करे परई छई। इहां हमरा देख रेख में मात्र तीस बेड हई। जेईमें बीस अन्य मरीज के लेल अउर मात्र दस बेड प्रसव वाली महिला के लेल हई। जब ज्यदा प्रसव वाली महिला हो जाई छथिन त हमरा सब के प्रसव करा के बाहर रखे परई छई। इहां अउर बेड के व्यवस्था रहे के चाही।
जिला स्वास्थ्य पदाधिकारी डाॅक्टर मेंहदी हसन कहलथिन कि इहां जेतना जगह हई ओतना बेड लगल हई। बाकी के बेड थाक लगल रखल हई। समस्या इ हई कि इ पुरा अस्पताल ही पचास बेड के हई। ऐई में बीस बेड एन.आर.सी. (पोषण पुनर्वास केन्द्र) अउर तीस बेड अस्पताल के बाकी मरीज के लेल हई। ऐही में प्रसव वाली महिला के भी व्यवस्था हई। जहां तक प्रसव वाली महिला के बाहर रखे के बात हई त हमरा जानकारी में एईसन कोई घटना न होलईय।