बुन्देलखंड की महिलाएं जुटी है अलग-अलग तरीके की बड़ी बनाने में

होली आने वाली है और ठंडी का मौसम जाने वाला है। मौसम बहुत सुहाना है, चारों ओर हरियाली छायी है। होली में एक से बढ़कर एक पकवान बनाएं जाते हैं। महिलाएं इस समय जुटी हैं अलग-अलग तरीका से बरी बनानें में, वो भी ढेर सारी। इतनी सारी बरी वो क्या करेगी आइये जानते हैं चित्रकूट जिला और ललितपुर जिला की महिलाओं से।
चित्रकूट की सन्तोषिया देवी का कहना है कि साल भर के लिए लोग बरी बनातें हैं। चैत के महीनें में जब खेत काटने जाते है, उस समय घर में अगर कुछ साग-सब्जी नहीं रहता तो बरी बनाकर खाते हैं। आलू,गोभी,टमाटर और दाल सब मिलाकर बरी बनातें हैं।
ललितपुर की मुन्नी देवी ने बताया कि बरी बनानें के लिए दो किलो पिसी मूंग की दाल में जीरा, हींग, अदरक और मिर्चा मिलाकर धूप में कपड़े के ऊपर बड़ी तोड़ देते है। जब धूप में अच्छी तरह सूख जायें तो उठाकर रख देते है। फागुन और चैत के महीनें में बड़ी बनाई जाती हैं।

रिपोर्टर- सहोद्रा और कल्पना

Published on Feb 21, 2018