बिहार में नकल रोकने के लिए नये आदेश, चप्पल पहन कर आना होगा परीक्षा देने

बिहार में 21 फरवरी में 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। जिसके लिए बिहार बोर्ड ने निर्देश जारी किया है कि इस परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को जूतामोजा पहनकर नहीं आना है। इसकी जगह परीक्षार्थियों को चप्पल पहनकर आना होगा।
बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया है कि परीक्षा में जूतामोजा नहीं पहनने के संबंध में बिहार में होने वाली अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में निर्देश दिया जाता रहा है। इस साल से इसे मैट्रिक की परीक्षा में भी लागू करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में बिहार बोर्ड सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों, केंद्राधीक्षकों, परीक्षार्थी और अभिभावकों को निर्देश जारी कर रहा है।
बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा का आयोजन राज्य के 1426 केंद्रों पर होगा। 21 से 28 फरवरी तक होने वाली परीक्षा में 17 लाख 68 हजार 456 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसमें छात्रों की संख्या 8,91,107 और छात्राओं की 8,77,349 है।परीक्षा में सबसे ज्यादा सारण जिले से 87,419 परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं परीक्षा के लिए समस्तीपुर जिले में सबसे ज्यादा 75 केंद्र बनाए गए हैं। राजधानी पटना जिले से 82.50 हजार विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इसके लिए पटना में 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बिहार बोर्ड के अनुसार परीक्षा दो पालियों में होगी।