बिन पानी कैसे लगेंगे धान

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ज़िला फैजाबाद, अंबेडकर नगर। दोनों ज़िलों में पानी न मिलने से धान की खेती का समय बीता जा रहा है। एक तो बरसात नहीं हो रही दूसरे कई गांव में सरकारी ट्यूबवेल भी खराब पड़े हैं।
तारुन ब्लाक के पूरब पट्टी की सरकारी ट्यूबवेल की केबिल जल जाने वह महीनों से बंद पड़ा है। इसी ब्लाक के गांव पारी गरीबशाह में ट्यूबवेल की बोरिंग फेल हो जाने से वह ठप पड़ा है। विभाग का कहना है कि जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि यहां दोबारा बोरिंग नहीं हो सकती। पूरब पट्टी की लक्ष्मी, राधिका ने बताया कि धान लगाने का समय है और सरकारी ट्यूबवेल बिगड़ा पड़ा है। हमारे पास सिंचाई का यही साधन है। गौहानी, गरौली, रसुलहा जैसे गांव में भी ट्यूबवेल किसी न किसी कारणों से बंद हैं। नलकूप विभाग के जेई नेबूलाल का कहना है कि केबिल खराब हुई है। हमने विभाग को सूचना दी है। बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता एस.पी. यादव का कहना है कि अभी विभाग के पास केबिल नहीं है। जल्द ही खरीदकर लगवा दी जाएगी।
कटेहरी ब्लाक के गौरा बसंन्तपुर में पिछले 15 दिनों से ट्यूबवेल खुला पड़ा है। रमाकान्त वर्मा, जनार्दन मोर्य, रामनयन ने बताया कि ट्यूबवेल बिगड़ने से धान की खेती पिछड़ रही है। बिना पानी के धान कैसे लगाया जाएगा। यहीं के प्रहलाद मौर्य ने बताया कि 4 जुलाई 2014 को खराब पड़े ट्यूबवेल को ठीक करने के लिए मोटर, पाइप उखाड़ा गया था। खोलने के बाद दोबारा कोई नहीं आया। नलकूप विभाग के अधिशाषी अभियंता राकेश बिहारीमल का कहना है कि जल्दी ही बिगड़े ट्यूबवेल ठीक हो जाएंगे।