बिजली का वादा नहीं, सिर्फ धोखा, झांसी जिले के धर्मपुर गांव में

हमारे गांव में चौसठ साल से बिजली नहीं है।ग्राम पंचायतों में लगी है सिर्फ मजरों में नहीं लगी है। नेता आश्वासन दे जाते हैं  किन्तु बिजली नहीं लगवाते हैं खेत सींचने के लिए डीजल और पेट्रोल खरीदना पड़ता है।जो बहुत मंहगा है बिजली होती तो सिंचाई की समस्या नहीं होती।सब जगह बिजली के लिए दरखास दी है किन्तु सुनवाई नहीं होती है यह कहना हैं मूलचंद्र का।यह कहानी सिर्फ मूलचंद्र की ही नहीं झाँसी जिले की बबीना ब्लाक के पुरे धर्मपुरा गांव की है।
बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता दिनेश सिंह का कहना है कि कम्पनी  दक्षिणांचल आगरा की तरफ से मजरों में बिजली लगाने का काम हो रहा  है उसी की सूची  से पता चलेगा कि कितनें मजरों में बिजली लगाई जा रही है।
कल्लू का कहना है कि बिजली न होने से बहुत परेशानी होती है दो लीटर मिटटी का तेल मिलता है वो जलाने के लिए कम पड़ता है। टार्च जला के खाना बनाना पड़ता है।मिठाई लाल का कहना है कि दूसरे गांव में बिजली लग गई है।लेकिन यहां नहीं लगी है इस गांव के लिए जो खम्भे आये थे वो  गांव में लगा दिए गये हैं।यह सब प्रधान और बड़े लोगों कि मिली भगत है हमारे साथ धोखा करते हैं।
रिपोर्टर-सफीना

23/11/2017 को प्रकाशित