बालिका वधु बनने से बची संध्या ने पाये 93 % अंक

साभार: विकिमीडिया कॉमन्स

हैदराबाद के रंग रेड्डी जिले में रहने वाली संध्या के परिवार वाले उनका बाल विवाह कर रहे थे। एक निजी न्यूज़ चैनल और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस शादी को रोक दिया। आज वही संध्या 11वीं की परीक्षा में 93 प्रतिषत अंकों के साथ पास हुई है।
संध्या की शादी उसके परिवार वाले 16 साल की उम्र में कर रहे थे। संध्या 93 प्रतिशत अंक लाने पर भी खुश नहीं हैं और कहती है कि मैंने सभी प्रश्नों को हल किया था, जिस कारण मुझे और अच्छे अंकों की उम्मीद थी।
संध्या कहती है कि काश, मेरे पिता ये सब देख पाते। संध्या के पिता की मौत शादी रुकने के 15 दिन बाद हो गई थी। संध्या की मां उसे और आगे पढ़ाना चाहती हैं, जिससे वह एक बेहतर जिंदगी जी सके।